Saturday, August 31, 2019

ना विमान ...ना कार .... साइकिल से दिल्ली से जयपुर तक पहुंचे लेफ्टिनेंट जनरल आलोक क्लेर :- पीएम मोदी के फिट इंडिया अभियान को किया सपोर्ट



सेना के लेफ्टिनेंट जनरल आलोक क्लेर का जज्बा,
पीएम मोदी के फिट इंडिया अभियान को किया सपोर्ट  
ना विमान ...ना कार ....साइकिल से दिल्ली से जयपुर तक पहुंचे लेफ्टिनेंट जनरल आलोक क्लेर 
साउथ वेस्टर्न कमांड के नए आर्मी कमांडर इन चीफ है लेफ्टिनेंट जनरल आलोक कलेर   
भारतीय सेना के 58 वर्षीय लेफ्टिनेंट जनरल आलोक क्लेर नई दिल्ली से जयपुर तक साइकिल से पहुंचे है ...जयपुर में लेफ्टिनेंट जनरल आलोक क्लेर साउथ वेस्टर्न कमांड के नए आर्मी कमांडर पदभार सँभालने के लिए जयपुर पहुंचे है..लेफ्टिनेंट जनरल आलोक क्लेर दिल्ली से 
जयपुर तक 280 किलीमीटर का सफर साइकिल पर तय करते हुए पहुंचे है ..उन्होंने अपनी इस पहल को पीएम मोदी के फिट इंडिया अभियान को सपोर्ट करने वाला बताया और बताया और अन्य सैन्य अधिकारीयों और फ़ौज को फिट रहने का मैसेज दिया ..उन्होंने बताया कि कैसे उनकी ये पहल हमारे पर्यावरण को भी सपोर्ट करती है ..







लेफ्टिनेंट जनरल आलोक क्लेर के साथ बेटे आईमन और अरमान भी लगभग 14 घंटे साइक्लिंग करते हुए जयपुर पहुंचें है ।देश में सैन्य अधिकारीयों के बीच सबसे बड़ी चर्चा है कि भारतीय सेना के सीनियर लेफ्टिनेंट जनरल नया कार्यभार संभालने के लिए सर्विस एयरक्राफ्ट या गाड़ियों के काफिले में नहीं बल्कि साइक्लिंग करते हुए पहुंचे है ..आपको बता दें कि जयपुर आने के रास्ते में सेना में कमांडर होने के नाते उनके पास विमान या गाड़ी से जाने की सुविधा मौजूद है। लेकिन उन्होंने साइकिल का ऑप्शन चुना । वजह है कि वे फिटनेस को लेकर काफी अलर्ट हैं।

क्लेर को जून 1982 में 68 आर्मर्ड रेजिमेंट में कमीशन दिया गया था। उन्होंने डिफेंस सर्विसेस स्टाफ कॉलेज से ग्रेजुएशन किया है। मेयो कॉलेज अजमेर में वे क्रॉस कंट्री कैप्टन भी रह चुके हैं। उन्हें स्काई डाइविंग, पहाड़ पर चढ़ने और स्कूबा डाइविंग का भी शौक है। साथ ही वाइल्ड लाइफ में उनकी काफी रुचि है।

1 सितंबर से राजस्थान होगा ''आयुष्मान ' : - करीब एक करोड़ दस लाख परिवारों को मिलेगा योजना का फायदा




1 सितंबर को राजस्थान प्रदेश को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ रघु शर्मा दस लाख परिवारों को "कैशलैस" उपचार का तोहफा देने जा रहे है ....आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ये गरीब परिवार न सिर्फ सरकारी अस्पताल, बल्कि निजी अस्पतालों में भी फ्री में इलाज करवा सकेंगे ..ये सब कुछ संभव होगा केन्द्र की आयुष्मान भारत योजना से, जिसे राजस्थान में एक सितम्बर से भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के साथ जोड़कर शुरू किया जाएगा....स्वास्थ्य मंत्री डॉ रघु शर्मा के निर्देश पर चिकित्सा विभाग ने इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली है...आपकी सेहत से जुड़ी इस योजना की सभी जानकारी देखिये इस रिपोर्ट में ... ''आयुष्मान राजस्थान''  



जानिये कैसे आपका परिवार होगा ''आयुष्मान ''



आयुष्मान भारत महात्मा गांधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना के बारे में वो सभी सवाल जो आपके मन में है ..


राजस्थान में केन्द्र की आयुष्मान भारत योजना को लागू करने के तमाम रोड़े खत्म हो चुके है ...एक सितंबर से प्रदेशवासियों को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सूबे के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ रघु शर्मा इस योजना को जनता को समर्पित कर देंगे.....CM गहलोत के निर्देश पर अब एक सितम्बर से प्रदेशभर में आयुष्मान भारत योजना होने जा रही है...जिसे भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के साथ मर्ज किया गया है....राजस्थान में अभी एक करोड़ परिवार भामाशाह योजना के तहत कैशलैस उपचार का फायदा उठा रहे थे, लेकिन गहलोत सरकार के इस फैसले के बाद कैशलैस उपचार का दायरा 1.10 करोड़ होगा...यानी करीब दस लाख परिवार ऐसे होंगे, जिन्हें गहलोत सरकार के फैसले के बाद कैशलैस उपचार का फायदा मिलेगा....


 -  योजना से जुड़े वो तमाम सवाल और उनके जवाब जो आप जानना चाहते है :-  



सवाल - आयुष्मान भारत -महात्मा गांधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना क्या है ?

जवाब - भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना एवं आयुष्मान भारत -प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का एकीकरण करते हुए नई योजना "आयुष्मान भारत -महात्मा गांधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना" का प्रदेश में 1 सितंबर से शुभारंभ हो रहा है।


सवाल - प्रदेश में आयुष्मान भारत -महात्मा गांधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना कितने समय के लिए संचालित है?

जवाब - वर्तमान भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के अनुसार दिनांक 01-09-2019 से 12.12.2019 तक प्रदेश में ये योजना संचालित है ।

सवाल - क्या अब भामाशाह योजना बंद कर दी गयी है !?

जवाब - नहीं। भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के पात्र परिवारों को पहले की तरह ईलाज मिलता रहेग।आर्थिक,सामाजिक और जाति आधारित जनगणना 2011 के आधार पर पात्र लाभार्थी परिवारों को भी वर्तमान योजना में जोड़ कर योजना का दायरा बढ़ाया गया है।


सवाल - इस योजना का लाभ किस प्रकार लिया जा सकता है ?

जवाब - भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना की तरह ही इस योजना का लाभ भामाशाह कार्ड (जन आधार कार्ड) के माध्यम से सभी पंजीकृत अस्पतालों में दिया जाएगा योजना का लाभ लेने हेतु लाभार्थी परिवार के पहचान के लिए निम्न दस्तावेज आवश्यक है -

.राज्य के खाद सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत आने वाले परिवारों के लिए-  भामाशाह कार्ड (जन आधार कार्ड )/भामाशाह परंतु राशन कार्ड संख्या भामाशाह कार्ड और मरीज का आधार कार्ड जुड़ा होना आवश्यक है..

.आर्थिक ,सामाजिक एवं जाति आधारित जनगणना के पात्र लाभार्थी परिवारों के लिए -


. भामाशाह कार्ड(जन आधार कार्ड)भामाशाह एक्नॉलेजमेंट स्लिप)

.पीएम द्वारा लिखित आयुष्मान भारत योजना का पात्रता पत्र आवश्यक है।परंतु आयुष्मान भारत योजना के पात्रता पत्र पर अंकित 23 अंकों की एच. एच. आई.डी ,आधार कार्ड एवं राशन कार्ड संख्या को भामाशाह कार्ड(जन आधार कार्ड) से नजदीकी ई-मित्र केंद्र पर जाकर जुड़वाना आवश्यक है।
.आधार कार्ड


सवाल - मेरे पास आयुष्मान भारत योजना का पात्रता पत्र उपलब्ध है, परन्तु भामाषाह कार्ड बना हुआ नहीं है। क्या मुझे योजना का लाभ मिल सकता है?

जवाब - जिन परिवारों के भामाशाह कार्ड (जन आधार कार्ड) बने हुए नहीं है, उन्हें नजदीकी ई-मित्र केन्द्र पर भामाशाह कार्ड (जन आधार कार्ड) बनवाना चाहिए। जिसमें आयुष्मान भारत योजना के पात्रता पत्र पर अंकित 23 अंको की एच.एच.आई.डी., आधार कार्ड एवं राषन कार्ड संख्या को भामाशाह कार्ड (जन आधार कार्ड) से जुडवाना चाहिए।


सवाल - मैं इस योजना के लिए आर्थिक, सामाजिक एंव जाति आधारित जनगणना 2011 के आधार पर अपनी पात्रता कैसे जांच सकता हूँ ??

.टोल फ्री नम्बर 14555/1800111565/18001806127 द्वारा
.प्रधानमंत्री द्वारा डाक से भेजा गया आयुष्मान भारत योजना के पात्रता पत्र पर अंकित 23 अंको की परिवार पहचान संख्या द्वारा।
https://www.pmjay.gov.in/ पर लॉग इन करके


सवाल - क्या राजस्थान के बाहर के निवासी भी इस योजना का लाभ लें सकते है?
जवाब - नहीं। वर्तमान में इस योजना का लाभ राजस्थान के मूल निवासी हीं ले सकेंगे।


सवाल - क्या मैं राजस्थान के अलावा किसी अन्य राज्य में इस योजना का लाभ लें सकता हूं?
जवाब - नहीं। वर्तमान में दिनांक 12.12.2019 तक यह सुविधा उपलब्ध नहीं है।


सवाल - योजना का लाभ लेने के लिए कौन से दस्तावेज अस्पताल लेकर जाने होंगे?

जवाब - योजना का लाभ लेने हेतु लाभार्थी परिवार की पहचान के लिये निम्न दस्तावेज जरूरी है-
 भामाशाह कार्ड (जन आधार कार्ड)/भामाशाह ।
 मरीज का आधार कार्ड
 माननीय प्रधानमंत्री महोदय द्वारा लिखित आयुष्मान भारत योजना का पात्रता पत्र द्वारा। परन्तु आयुष्मान भारत योजना के पात्रता पत्र पर अंकित 23 अंको की एच.एच.आई.डी., आधार कार्ड एवं राषन कार्ड संख्या को भामाशाह कार्ड (जन आधार कार्ड) से जुडवाना आवष्यक है।

सवाल - इस योजना में कितनी बीमारियों के लिए बीमा लाभ दिया जायेगा?
जवाब - भामाषाह स्वास्थ्य बीमा योजना के अन्र्तगत चयनित 21 चिकित्सा विशेषज्ञता से सम्बन्धित कुल 1401 डिजीज पैकेज का लाभ दिया जायेगा।


सवाल - इस योजना के अन्र्तगत बीमा कवरेज राषि क्या है?
जवाब - सामान्य बीमारियों हेतु रू. तीस हजार तथा गंभीर बीमारियों हेतु रू. तीन लाख तक का बीमा कवर प्रति परिवार प्रति वर्ष दिया जायेगा।


सवाल - आयुष्मान भारत योजना का लाभ कौन से अस्पतालों में लिया जा सकता है?
जवाब - वर्तमान में भामाषाह स्वास्थ्य बीमा योजना से सम्बद्ध सभी निजी एवं सरकारी अस्पतालों में योजना का लाभ लिया जा सकता है।


सवाल - क्या इलाज के दौरान मुझसे किसी भी तरह की राशि वसूल की जायेंगी?
जवाब - नहीं, इस योजना के अन्तर्गत सम्पूर्ण सुविधाएँ पूर्णतः निशुल्क (कैशलेस) है।


सवाल - मेरे पास माननीय प्रधानमंत्री महोदय द्वारा डाक से भेजा गया आयुष्मान भारत योजना का पात्रता पत्र है। क्या इसके द्वारा मुझे योजना का लाभ मिल सकता है?

जवाब - जी हां। इसके लिए आयुष्मान भारत योजना के पात्रता पत्र पर अंकित 23 अंको की एच.एच. आई.डी., परिवार के सदस्यों के आधार कार्ड़ एवं राषन कार्ड संख्या को भामाशाह कार्ड (जन आधार कार्ड) से जुडवाना आवष्यक है।



सवाल - मेरा परिवार आर्थिक, सामाजिक एंव जाति आधारित जनगणना 2011 एवं राज्य के खाद्य सुरक्षा अधिनियम  दोनो के अंतर्गत पात्र परिवार है, तो क्या मुझे रु 6.60 लाख का कवर मिलेगा?

जवाब - नहीं। परिवार को सामान्य बिमारियों हेतु रू. तीस हजार तथा गंभीर बिमारियों हेतु रू. तीन लाख तक का बीमा कवर प्रति परिवार प्रति वर्ष हीं दिया जायेगा।


कैसे प्रदेश को मिली ये योजना -

- सरकार ने पायलेट प्रोजेक्ट के तहत एक-दो जिलों में स्टेडी करवाई तो पता चला कि काफी परिवार ऐसे है, जो भामाशाह और आयुष्मान योजना की पात्रता को पूरा करते है।
- आयुष्मान योजना के तहत राजस्थान में जिन 59.71 लाख परिवारों को चिन्हित किया गया, उनमें से 83 फीसदी भामाशाह योजना में जुड़े हुए मिले...इन सभी को पहले से ही कैशलैस बीमा का फायदा मिल रहा है।
- राजस्थान में भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना का एमओयू 12 दिसम्बर 2019 तक है.....ऐसे में तय किया गया है कि आयुष्मान योजना के तहत जो शेष 17 फीसदी परिवार बचे है, उन्हें  भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के पैकेज का फायदा दिया जाएगा।
- दिसम्बर के बाद सरकार तय करेगी कि आगे दोनों योजनाओं को किस तरह से चलाना है।
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(योजना का कैसे मिलेगा फायदा)
- राजस्थान में दोनों योजनाओं को जोड़ने के लिए भामाशाह कार्ड को ही मुख्य आधार माना गया है
- जो परिवार खाद्य सुरक्षा कानून के दायरे में नहीं है, लेकिन सामाजिक आर्थिक, जाति आधारित जनगणना में शामिल है...ऐसे परिवारों को भामाशाह कार्ड बनवाना पड़ेगा....इस कार्ड में उन्हें पीएम मोदी की तरफ से भेज गए पत्र में उल्लेखित 23 अंकों का नम्बर भी एड करवाना होगा
-  सामाजिक आर्थिक, जाति आधारित जनगणना में शामिल जिन परिवारों का पहले से भामाशाह कार्ड बना हुआ है, उन्हें पीएम मोदी की तरफ से भेज गए पत्र में उल्लेखित 23 अंकों का नम्बर को कार्ड में एड करवाना होगा।

- योजना के लिए जारी किया गया टोल फ्री नम्बर, 1455/1800111565 पर सम्पर्क करके एनईसीसी की पात्रता की जानकारी ली जा सकती है।


आयुष्मान योजना लागू करने के साथ ही अब ये चर्चा भी शुरू हो गई है कि क्या भविष्य में चलकर राजस्थान की पूर्ववर्ती सरकार की भामाशाह योजना को बन्द तो नहीं किया जाएगा....इसके पीछे तर्क ये दिया जा रहा है कि जब आयुष्मान योजना लागू है तो फिर दो योजनाएं क्यों चलाई जाए...खेर सरकार जो भी तय करे ..संभवता वो प्रदेश की जनता के हित में होगा ..वर्तमान में राजस्थान की जनता के लिए सबसे बड़ी राहत यही है कि 1 सितम्बर से आयुष्मान भारत महात्मा गांधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना  प्रदेश की जनता को समर्पित कर दी जाएगी ..

Friday, August 30, 2019

मामूली चीरे से ब्रेस्ट कैंसर में बच सकेगा अंग - अब 40 की उम्र में ही हो रहा है ब्रेस्ट कैंसर

(हर तीन मिनट में एक नया ब्रेस्ट कैंसर की मरीज सामने आती है और हर 13 मिनट में एक मृत्यु )


जयपुर। लाइफ स्टाइल और हार्मोनल बदलावों से अब कम उम्र में ही ब्रेस्ट कैंसर हो रहा है। 40 की उम्र में ही महिलाएं इस खतरनाक रोग से पीडि़त होने लगी हैं। हालत यह है कि हर तीन मिनट में एक नया ब्रेस्ट कैंसर की मरीज सामने आती है और हर 13 मिनट में एक मृत्यु हो जाती है। ब्रेस्ट कैंसर की इस भयावह स्थिति से निपटने और इलाज की नई तकनीकों पर मंथन के लिए देश-विदेश से डॉक्टर्स शुक्रवार से जयपुर में जुटे हैं।

एसोसिएशन ऑफ ब्रेस्ट सर्जन इंडिया, सीतादेवी हॉस्पिटल व एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्लास्टिक सर्जरी विभाग की ओर से शुक्रवार से यहां होटल ललित में तीन दिवसीय कॉन्फ्रेंस शुरू हुई। कांफ्रेंस के आयोजन सचिव डॉ. उत्तम सोनी ने बताया कि ब्रेस्ट कैंसर के इलाज की नई तकनीकों पर पहले दिन पांच सत्रों में अलग-अलग विषयों पर चर्चा की गई। कॉन्फ्रेंस में 450 से अधिक ब्रेस्ट सर्जन्स, प्लास्टिक सर्जन्स, ऑन्कोलॉजिस्ट भाग ले रहे हैं। इस दौरान ब्रेस्ट कैंसर की मिनिमल इनवेंसिव सर्जरी, ऑन्कोप्लास्टी सर्जरी, रीकंस्ट्रक्शन सर्जरी, नई कीमोथैरेपी आदि पर चर्चा की गई। कॉन्फ्रेंस के आयोजन अध्यक्ष व एसएमएस अस्पताल के डॉ. प्रदीप गोयल ने आरंभ में आयोजन की जानकारी दी तथा सभी का आभार व्यक्त किया।

निकले अंग का होगा पुर्ननिर्माण --

इंग्लैंड के डॉ. ऋषिकेश परमेश्वर व डॉ. शंकर नारायणन ने बताया कि कैंसर होने के बाद यदि ब्रेस्ट को निकाला जाता है तो अब घबराने की जरूरत नहीं है। नई तकनीक से इसका पुर्ननिर्माण हो सकता है। इसके लिए शरीर के दूसरे हिस्सों से टिश्यू लेकर ब्रेस्ट की जगह ट्रांसफर कर नया अंग बना दिया जाता है। इस तरह मरीज का सौंदर्य भी बरकरार रहता है और उसे सामाजिक और मानसिक परेशानियों का भी सामना नहीं करना पड़ता है।

खून की जेनेटिक जांच से भी पता चलता है कैंसर --

कॉन्फ्रेंस में यूके के डॉ. हिशाम हमीद ने बताया कि कई बार जेनेटिक कारणों से भी ब्रेस्ट कैंसर हो जाता है जिसे मामली खून की जेनेटिक जांच से भी पता किया जा सकता है। समय रहते इलाज शुरू हो जाए तो मरीज को कैंसर से बचाया जा सकता है। वहीं लंदन के डॉ. जॉन रॉबर्टसन ने बताया कि अब ऐसी सर्जरी आ गई हैं जिसमें कैंसर युक्त ब्रेस्ट को निकालने की बजाय सिर्फ ट्यूमर को निकाल कर इलाज कर दिया जाता है। इसमें पूरे ब्रेस्ट निकालने की बजाय सिर्फ कैंसर प्रभावित ट्यूमर को दूरबीन सर्जरी से निकाल दिया जाता है। इस तरह ब्रेस्ट की शेप में भी कोई फर्क नहीं पड़ता। आयोजन सचिव डॉ. उत्तम सोनी ने बताया कि कॉन्फ्रेंस में दिल्ली की डॉ. के. गीता, यूके से डॉ. आशुतोष कोठारी व डॉ. सीमा सीतारमण, अहमदाबाद के डॉ. डीजी विजय, बेंगलुरू के डॉ. अशोक बीसी, जयपुर के डॉ. कपिलदेव ने भी विभिन्न सत्रों में ब्रेस्ट कैंसर से जुड़ी नई इलाज तकनीकों की जानकारी दी।


Saturday, August 24, 2019

बेशर्म घूसखोर आस मोहम्मद ने पेशी के दौरान नेताओं की तरह हवा में लहराया हाथ ,मुस्कुराते हुए पत्रकारों को बोला ''शबास वेलडन''



राजधानी जयपुर के झोटवाड़ा थाने के हाई प्रोफाइल घूसकांड मामले में बीते 6 महिनों से फरार चल रहे निलंबित ACP आस मोहम्मद ने कल कोटा में सरेंडर किया ..जिसके बाद आज उसको जयपुर में एसीबी कोर्ट जज के आवास पर पेश किया गया ...पेशी के दौरान बेशर्म घूसखोर आस मोहम्मद के चेहरे पर कोई शिकन नहीं दिखी ..जज के आवास के बाहर उसने पेशी पर अंदर जाते हुए पूरी बेशर्मी के साथ नेताओं की तरह हवा में हाथ लहराया और फिर पत्रकारों को कहा की फोटो खींचते समय डरने की कोई बात नहीं है ''शबास वेलडन'' ...वो मुस्कुराता हुआ अंदर गया और मुस्कराते हुए बाहर आया ..किसी तरह की शर्म उसके चेहरे पर नहीं दिखी ...घूखोर आस मोहम्मद को 26 अगस्त तक रिमांड पर भेजा गया गया है ..जिसके बाद एसीबी की टीम उसे वापस कोटा लेकर रवाना हो गई ... 








क्या है पूरा मामला :-

एसीपी आस मोहम्मद ने शुक्रवार को सरेंडर कर दिया था  । फरार एसीपी आस मोहम्मद अचानक मामले की जांच कर रहे कोटा एसीबी के एएसपी ठाकुर चंद्रशील के सामने पहुॅचे और सरेंडर किया । बीते एक महिने पहले ही इस मामले की पत्रावली जांच के लिए जयपुर से कोटा आई थी । बीती 13 फरवरी को एसीबी टीम ने 1 लाख रूप्ए की रिश्वत लेते झोटवाड़ा थाने के कांस्टेबल बत्तू खां व दलाल सुमंत सिंह को गिरफ्तार किया था। जांच में यह राशि एसीपी आस मोहम्मद के लिए लेने की जानकारी सामने आई थी । लेकिन गिरफ्तारी के डर के चलते आस मोहम्मद फरार हो गए थे । जिसके बाद से लगातार एसीबी की कई टीमें आस मोहम्मद की तलाश में दबिश दे रही थी । सूत्रों की माने तो एसीबी की ओर से फरार चल रहे आरोपी आस मोहम्मद को भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी । सीआरपीसी की धारा 82-83 के तहत आस मोहम्मद को भगोड़ा यानी उद्घोषित अपराधी घोषित कराने के लिए एसीबी कोर्ट में अर्जी लगा रही थी । भगोड़ा घोषित होने के बाद आरोपी के खिलाफ कोर्ट से स्थायी वारंट जारी किया जाता और उसकी संपत्तियों को अटैच करने की प्रक्रिया शुरू होती । अदालत से अग्रिम जमानत अर्जियां खारिज होने और संपत्ति जब्त होने के डर के चलते पहले ही आरोपी आस मोहम्मद ने कोटा एसीबी के एएसपी ठाकुर चंद्रशील के सामने सरेंडर कर दिया ।  

Friday, August 23, 2019

झोटवाड़ा घूसकांड मामले में फरार चल रहे बर्खास्त ACP आस मोहम्मद ने किया सरेंडर ,पूछताछ में होंगे अहम खुलासे



जयपुर झोटवाडा घूसकांड में बड़ा अपडेट
आखिर घूसखोर बर्खास्त RPS ने किया सरेंडर
कोटा ACB में जाकर किया सरेंडर
फरवरी 2019 से चल रहा था फरार
तत्कालीन झोटवाड़ा ACP था आस मोहम्मद
झोटवाड़ा घूसकांड चल रहा था उसी के इशारे पर
झोटवाडा थाने का SHO का रीडर हेड कांस्टेबल बत्तू खां ,
दलाल सुमंत और थाने के लिंक लोक अभियोजक चंद्रभान जोशी (APP)
इन तीनों को 1 लाख रूपए की रिश्वत लेते किया था गिरफ्तार
इसके बाद से ही घूसखोर बर्खास्त RPS आस मोहम्मद था फरार
  

राजधानी जयपुर के झोटवाड़ा थाने के हाई प्रोफाइल घूसकांड में बीते 6 महिनों से फरार चल रहे एसीपी आस मोहम्मद ने आखिरकार ACB के चौतरफा दबाब के चलते शुक्रवार को सरेंडर कर दिया है । फरार एसीपी आस मोहम्मद अचानक मामले की जांच कर रहे कोटा एसीबी के एएसपी ठाकुर चंद्रशील के सामने पहुॅचे और सरेंडर किया । बीते एक महिने पहले ही इस मामले की पत्रावली जांच के लिए जयपुर से कोटा आई थी । 

बीती 13 फरवरी को एसीबी टीम ने 1 लाख रूप्ए की रिश्वत लेते झोटवाड़ा थाने के कांस्टेबल बत्तू खां व दलाल सुमंत सिंह को गिरफ्तार किया था। जांच में यह राशि एसीपी आस मोहम्मद के लिए लेने की जानकारी सामने आई थी । लेकिन गिरफ्तारी के डर के चलते आस मोहम्मद फरार हो गए थे । जिसके बाद से लगातार एसीबी की कई टीमें आस मोहम्मद की तलाश में दबिश दे रही थी । सूत्रों की माने तो एसीबी की ओर से फरार चल रहे आरोपी आस मोहम्मद को भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी । 

सीआरपीसी की धारा 82-83 के तहत आस मोहम्मद को भगोड़ा यानी उद्घोषित अपराधी घोषित कराने के लिए एसीबी कोर्ट में अर्जी लगा रही थी । भगोड़ा घोषित होने के बाद आरोपी के खिलाफ कोर्ट से स्थायी वारंट जारी किया जाता और उसकी संपत्तियों को अटैच करने की प्रक्रिया शुरू होती । अदालत से अग्रिम जमानत अर्जियां खारिज होने और संपत्ति जब्त होने के डर के चलते पहले ही आरोपी आस मोहम्मद ने कोटा एसीबी के एएसपी ठाकुर चंद्रशील के सामने सरेंडर कर दिया ।

आपको बता दें कि ACB डीजी डॉ आलोक त्रिपाठी ,एडीजी सौरभ श्रीवास्तव और आईजी दिनेश एमएन के कुशल नेतृत्व के चलते ही फरार आस मोहम्मद के ऊपर ये दबाव बना जिसके चलते उसने सरेंडर कर दिया ..  

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पद की आड़ में महिलाकर्मियों से बनाता था अवैध संबंध ! ACB की गिरफ्त में आया गृह विभाग का घूसखोर सेक्शन ऑफिसर



ACB की गिरफ्त में आया गृह विभाग का सेक्शन ऑफिसर 
गिरफ्त में आये सेक्शन ऑफिसर से पूछताछ में बड़ा खुलासा
शराब,शबाब का शौकीन था राकेश मीणा
दफ्तर में ड्यूटी के नाम पर मांगता था अस्मत भी
ACB पूछताछ में हुए बड़े खुलासे
गृह विभाग से उच्च स्तर पर मिला था कार्रवाई का सुझाव
घर से 17 भूखंड के दस्तावेज,
अभ्यर्थियों के 7-7 लाख के 16 चेक बरामद
1 करोड़ 12 लाख के है ये चेक।



प्रदेश के गृह विभाग में पद के दुरूपयोग के मामले में कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने शासन सचिवालय जयपुर में गृह ग्रुप -11 में पदस्थापित अनुभाग अधिकारी राकेश कुमार मीणा को हिरासत में लिया है । दरअसल एसीबी मुख्यालय को अनुभाग अधिकारी राकेश कुमार मीणा के खिलाफ अपने पद का दुरुपयोग कर अन्य अनैतिक तरीके से भ्रष्टाचार करने की सूचना मिली थी ।आरोपी सरकार द्वारा जिन पुलिस अधिकारियों को 16 सीसी का नोटिस मिलता था उन्हें राज्यपाल के यहां अपील करवाकर उनकी मदद करने की एवज में रूपए ले रहा था ।यही नहीं राकेश मीणा सेक्शन में ड्यूटी करने वाली महिलाकर्मियों से ड्यूटी लगाने के नाम पर अस्मत भी मांगता था ...ये भी बात सामने आयी है कि घूसखोर राकेश मीणा शराब का शौक़ीन है और रिश्वत में रेड वाइन भी मांगता था ..इसके अलावा रेलवे व टीचर जैसी भर्तियों में भी रूपए लेकर लोगों को फर्जी तरीके से पास करवाने की लगातार सूचनाएं मिल रही थी । जिसके चलते एसीबी टीमों ने आरोपी अनुभाग अधिकारी राकेश कुमार मीणा के निवास पर सर्च किया । सर्च में अनुभाग अधिकारी के निवास से पुलिस अधिकारियों के 16 सीसी के नोटिस के संबंध में राज्यपाल के पास की गई अपीलों से संबंधित फाइलों के साथ ही रेलवे व टीचर सरीखी भर्तियों में अभ्यर्थियों को पास करवाने की एवज में लिए गए प्रवेश पत्र,हस्ताक्षर युक्त 7 लाख रुपए के चेक और खाली स्टांप पेपर भी बरामद किए गए। वहीं सर्च में विभिन्न स्थानों पर लिए गए भूखंडों के 17 पट्टे भी बरामद किए गए है । 


राजस्थान में खौफ में घूसखोर - 

राजस्थान में पिछले 6 महीने से एसीबी भृष्टाचार के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है।कारण है राजस्थान में एसीबी की टीम को सीएम गहलोत की तरफ से भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए ''फ्री हैण्ड'' दिया गया ...जिसके चलते नारकोटिक्स के बड़े अधिकारीयों से लेकर घूसखोर पुलिस अधिकारी और वाणिज्य कर विभाग की घूसखोर महिला अधिकारी एसीबी के हत्थे चढ़ सके ...इस फ्री हैण्ड का ही परिणाम है कि एसीबी मुख्यालय में कोई भी पीड़ित बेख़ौफ़ होकर भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी शिकायत लेकर पहुँचता है..और उसकी शिकायत का सत्यापन कर कार्रवाई की जाती है ...एसीबी डीजी डॉ आलोक त्रिपाठी ,एडीजी सौरभ श्रीवास्तव और आईजी दिनेश एमएन की मोनिटरिंग में राजस्थान एसीबी लगातार भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चला रही है ...

प्रदेश में भ्रष्टाचारियों को रात में नींद नहीं आ रही है, रातभर जागकर इस इंतजाम में लगे हैं कि उन्होंने जो काले कारनामे कर बेहिसाब दौलत कमाई है, उसे एसीबी से कैसे बचाएं। दरअसल ये खौफ एसीबी के कुछ तेजतर्रार अफसरों की वजह से है। हम बात कर रहे हैं एसीबी के डीजी आलोक त्रिपाठी, एडीजी सौरभ श्रीवास्तव, आईजी दिनेश एमएन की। इनके सुपरविजन में लगातार एसीबी बड़े-बड़े घूसखोरों को पकड़ती जा रही है।

Wednesday, August 21, 2019

SMS अस्पताल से बड़ी खबर,70 साल पुराने SMS अस्पताल को नया रूप देने की कोशिश शुरू । स्वास्थ्य मंत्री डॉ रघु शर्मा ने किया दौरा ..

SMS अस्पताल से बड़ी खबर
अस्पताल के पुनः विकास को लेकर हुई बड़ी बैठक 
स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में दिया का रहा प्रेजेंटेशन
70 साल पुराने SMS अस्पताल को नया रूप देने की कोशिश शुरू । 
भविष्य में मरीजों को भटकने का किस्सा होगा खत्म
एक ही मंजिल में संबंधित विभाग का मिलेगा ईलाज



चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ रघु शर्मा ने प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल का दौरा किया।करीब 1 घण्टें तक चले इस दौरे के दौरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ रघु शर्मा ने  कार्डिक आईसीयू से लेकर,अस्पताल के लगभग हर हिस्से का दौरा किया।दौरे के दौरान डॉ शर्मा ने विकास कार्यों के जायजे के साथ ही अस्पताल के उन परिसर का भी दौरा किया जंहा जर्जर हालत के चलते प्लास्टर और फॉल सीलिंग गिरने की घटनाएं सामने आयी है या फिर जंहा बारिश के दौरान जल भराव की स्थिति हो जाती है।दौरे के दौरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ रघु शर्मा के साथ एसएमएस अस्पताल प्रशासन, जिला क्लक्टर, नगर निगम सीईओ मौजूद रहे। दौरे के दौरान स्वास्थ्य मंत्री कचरा संग्रहण डिपो भी पहुंचे और वंहा की गंदगी के आलम को देखकर खासे नाराज भी हुए।उन्होंने नगर निगम सीईओ को निर्देशित करते हुए कहा कि जल्द कचरा डिपो को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाए।स्वास्थ्य मंत्री के इस दौरे के बाद अस्पताल परिसर में ही SMS अस्पताल के पुनः विकास को लेकर प्रेजेंटेशन दी गईं।जिसमें 70 साल पुराने एसएमएस अस्पताल के 2030 तक प्रस्तावित मास्टर प्लान की प्रेजेंटेशन दी गई।सरकार की कोशिश है कि अस्पताल में लाखों की संख्या में ईलाज के लिए जो मरीज आते है उन्हें एक ही छत के नीचे सम्बंधित रोग का ईलाज मिल जाये।स्वास्थ्य मंत्री के इस दौरे और बैठक में उनके साथ SMS मेडिकल कॉलेज के प्रिंसीपल डॉ सुधीर भंडारी ,SMS अस्पताल अधीक्षक डॉ डी.एस मीणा मौजूद रहे SMS अस्पताल के डॉ जगदीश मोदी ,डॉ अजीत सिंह शेखावत ,डॉ सुनीत राणावत 

Sunday, August 18, 2019

पाकिस्तान पीएम इमरान खान को गूगल बता रहा भिखारी !

धारा 370 हटने और जम्मू कश्मीर राज्य के पुनर्गठन के बाद पाकिस्तान बुरी तरह से तिलमिलाया हुआ है। उसकी आर्थिक स्थिति बेहद खस्ता है। जानकारी में आ रहा है कि वहां पर खाने पीने की चीजों के भी लाले पड़ने लगे  है। 



इस बीच गूगल ने भी कमाल कर दिया है। एक तरह से पाकिस्तान की बिगड़ती हालत पर नमक छिड़कने का काम किया है। गूगल पर जब ‘भिखारी, भिखारी फोटो, भिखारी देश, भिखारी नेता… वगैरहा वगैरहा कुछ भी सर्च किया जाता है तो ​केवल पाकिस्तान के पीएम इमरान खान की फोटो दिखाई देती हैं।
दूनिया के सबसे बड़े सर्च इंजन के द्वारा ऐसा करने के कारण दूनियाभर में इमरान खान को भयंकर तौर से ट्रेंड किया जा रहा है। सभी सोशल मीडिया साइट्स पर अब इमरान खान की यही भिखारी वाली फोटो वायरल की जा रही है।
गौरतलब है कि जब भी कोई बात ट्रेंड में होती है तो गूगल पर सर्च करने में वही दिखाई देती है। ऐसे में अभी पाकिस्थान की आर्थिक स्थिति काफी ट्रेंड कर रही है, जो गूगल सर्च में बनी हुई है।
कहा जा रहा है कि विश्व​ बैंक ने काफी मिन्नतें करने के बाद पाकिस्तान को 50 हजार डॉलर का कर्ज दिया है, जिससे पाकिस्तान अपने कर्ज लिये हुये का ब्याज चुकायेगा। इतनी बुरी हालत से गुजर रहे पाकिस्तान के पीएम इमरान खान फिर भी भारत से युद्ध करने की धमकी दे रहे हैं।
इधर, भारत के प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त को लालकिले से दिये अपने भाषण में केवल विकास को प्रमुखता दी। उन्होंने अपने 92 मिनट के भाषण में स्वदेश, प्लास्टिक मुक्ति, किसानों से जैविक खेती करने, सेना को मजबूत करने, धारा 370, तीन तलाक जैसे खास मुद्दों प ही बात की।

जबकि उसके एक दिन पहले पाकिस्तान के आजादी जश्न के मौके पर पीओके की संसद में ​बोलते हुये इमरान खान ने अपना करीब 40 मिनट का भाषण केवल भारत को कोसने में लगा दिया

Wednesday, August 14, 2019

राजस्थान : नीट काउंसलिंग विवाद 2019,मेडिकल स्टूडेंट्स के लिए होगा फ्रेश मॉपअप राउण्ड




नीट काउंसलिंग 2019 से जुड़ी बड़ी खबर
मेडिकल स्टूडेंट्स के लिए होगा फ्रेश मॉपअप राउण्ड
नीट काउंसलिंग बोर्ड की बैठक में किया गया फैसला 
17 से 18 अगस्त को आयोजित होगा मॉपअप राउंड 
जिन स्टूडेंटस ने पूर्व के मॉपअप राउण्ड में छोड़ी थी सीट 
उन्हें वापस पहले से आंवटित कॉलेज में ही रहने का ऑप्शन 
फ्रेश मॉपअप राउण्ड में सिर्फ फ्रेश स्टूडेंट्स को ही मौका 
नीट कांउसलिंग बोर्ड चेयरमैन डॉ सुधीर भण्डारी ने दी जानकारी 
पूरी कवायद को लेकर एमसीआई को भी लिखा गया है पत्र 
MCI की निर्धारित 18 अगस्त की अंतिम तिथि को बढ़ाने के लिए पत्र 
हालांकि इस पूरी कवायद से राजस्थान के टॉपर स्टूडेंट को लगा झटका 
क्योंकि, ऐसा होने पर बेस्ट कॉलेजों की मेरिट और जाएगी नीचे   

Tuesday, August 13, 2019

राजस्थान : सबसे बड़े सरकारी अस्पताल SMS को पहले हार्ट ट्रांसप्लांट का इंतजार


राजस्थान : सबसे बड़े सरकारी अस्पताल SMS को पहले हार्ट ट्रांसप्लांट का इंतजार 

प्रदेश के सबसे बड़े एसएमएस अस्पताल में हार्ट ट्रांसप्लांट का इंतजार दो साल से खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है..... अस्पताल प्रशासन ने हार्ट के जरूरतमंद मरीजों का रजिस्ट्रेशन तो शुरू कर दिया है....लेकिन अभी तक सरकारी क्षेत्र के पहले हार्ट ट्रांसप्लांट का इंतजार ही कायम है.....अंगदान-महादान....लोगों को नई जिन्दगी देने वाली ये सोच जागरूकता के चलते भले ही घर-घर तक पहुंच रही हो, लेकिन सरकारी तंत्र इस पवित्र काम में भी कछुआ चाल चल रहा है....बात एसएमएस अस्पताल की करें, तो सरकार की मंशा के अनुरूप हार्ट ट्रांसप्लांट की सभी तैयारियां पूरी हो चूकी है, लेकिन अभी तक लोगों के लिए ये ख्वाब ही बना हुआ है...दरअसल, अस्पताल ने पिछले साल हार्ट के जरूरतमंद मरीजों का रजिस्ट्रेशन शुरू तो कर दिया, लेकिन प्रक्रिया अभी तक कागजों में ही सिमटी हुई है....आंकड़ों पर गौर फरमाए तो 16 हार्ट का दान प्रदेश में किया गया, जिसमें से 5 हार्ट ट्रांसप्लांट राजस्थान के निजी अस्पतालों में हुए....जबकि 11 हार्ट राज्य से बाहर भेजे गए.....हालांकि, विश्व अंगदान दिवस के मौके पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में SMS मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ सुधीर भण्डारी ने दावा किया है कि अस्पताल हार्ट ट्रांसप्लांट के लिए पूरी तरह तैयार है....जल्द ही इस दिशा में कीर्तिमान रचा जाएगी....


(देश में अंगदान की जरूरत क्यों?)

- मुख्य क्रियाशील अंग खराब हो जाने से हर साल 5 लाख से ज्यादा लोग तोड रहे है दम
- वर्ष 2016 में 2.50 लाख लोग किडनी खराब होने की समस्या से ग्रस्त हुए,जबकि ट्रांसप्लांट की संख्या 2045 रही
- 80 हजार लोगों को लीवर की दिक्कत हुई, जबकि कैडेवर मात्र 733 किए गए.....
- हार्ट में 50 हजार की जरूरत के मुकाबले 217 कैडेवर ट्रांसप्लांट हो पाए
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(अंगदान की मुहिम का राजस्थान का सफर)  

- 32 ब्रेनडेड पेंशेट का हो चुका कैडेबर ट्रांसप्लांट
- 104 लोगों की सॉलिड ऑर्गन देकर बचाई गई जान
- 57 मरीजों को किडनी, 29 मरीजों को मिला लीवर
- 16 दिल धडक रहे जरूरतमंद मरीजों को
- 1 फेफड़े, 1 अग्नाशय का भी प्रत्यारोपण
- अंगदान से कुल 118 लोगों को मिला नया जीवनदान

खैर जो भी हो, देर आए दुरूस्त आए....एसएमएस मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ सुधीर भण्डारी की जल्द हार्ट ट्रांसप्लांट शुरू करने की घोषणा ने कई जरूरतमंद परिवारों को नई उम्मीद दे दी है.........अब देखना ये है कि अस्पताल प्रशासन अपने दावे को कितना जल्दी कीर्तिमान में तब्दील करेगा 
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राजस्थान :नीट काउंसलिंग में हो रही धांधली ! न्याय के लिए हाईकोर्ट की शरण में स्टूडेंट्स



जयपुर में पिछले 3 दिनों से लगातार तीसरे राउंड की नीट काउंसलिंग का विरोध किया जा रहा है.. छात्र और अभिभावक आरोप लगा रहे हैं कि काउंसलिंग के सदस्य अपने चहेतों को अच्छे कॉलेज अलॉट कर रहे हैं जबकि मॉपअप राउंड के अंदर सभी छात्रों को बराबर का अधिकार मिलना चाहिए.. जिसके बाद आज छात्र और अभिभावक सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज के बाहर धरने पर बैठ गए ..छात्रों और अभिभावकों ने यह भी कहा कि मामले को लेकर भी अब कोर्ट की शरण में गए हैं और हो सकता है कि कल इसे लेकर सुनवाई की जाए ..उन्होंने उम्मीद जताई है कि भले ही काउंसलिंग के सदस्यों ने उनकी बात नहीं सुनी हो लेकिन कोर्ट इस मामले में हस्तक्षेप करेगा.. छात्रों ने यह भी कहा कि गुजरात और महाराष्ट्र में मॉपअप के जरिए छात्रों को अपग्रेड कॉलेज का ऑप्शन मिल रहा है और जब नियम सभी जगह एक जैसे हैं तो यहां पर यह नियम लागू क्यों नहीं हो रहा ऐसे में छात्रों और अभिभावकों ने मांग की है कि जो दूसरे राउंड की काउंसलिंग की शुरुआत है उसे रद्द किया जाए और नए सिरे से काउंसलिंग की जाए ताकि मेरिट बेस पर छात्रों को अच्छे कॉलेज अलॉट हो सके ..वंही SMS मेडिकल कॉलेज के प्रिंसीपल डॉ सुधीर भंडारी ने मामले में कहा कि वो नियमों और निर्देशों के मुताबिक़ काउंसलिंग आयोजित करा रहे है ..

Wednesday, August 7, 2019

पेंशनर्स और सरकारी कर्मचारियों को राज्य उपभोक्ता भण्डार केन्द्रों पर मिल रही नकली दवाएं !


पेंशनर्स व सरकारी कर्मचारियों को राज्य उपभोक्ता भण्डार केन्द्रों पर नकली दवाएं मिल रही है।ये हम नहीं, बल्कि औषधि नियंत्रक संगठन की कार्रवाई में सामने आई सच्चाई है....दरअसल, औषधि नियंत्रक दि्वतीय अजय फाटक को शिकायत मिली थी कि "गाबाला ए" नाम की औषधि को बतौर फूड प्रोडेक्ट बेचा जा रहा है....इस पर संगठन की टीमोंने कल देर रात अजमेर रोड पर गणपति फार्मा और नाहरगढ़ रोड़ पर विमल एजेंसी पर छापामार कार्रवाई की.....यहां जांच के पता चला कि जिस "गाबाला ए" दवा में जांच के दौरान घटक शून्य मिले है, उसे बतौर फूड प्रोडेक्ट उपभोक्ता केन्द्रों पर आपूर्ति किया जा रहा है...यह दवा हरियाणा से सप्लाई होती है, जिसे सप्लायर सिर्फ उपभोक्ता केन्द्रों पर भेजते है.....इसके बाद टीमों ने आज दिनभर उपभोक्ता केन्द्रों पर भी जांच अभियान चलाया....इस दौरान एसएमएस अस्पताल की एक दुकान व जयपुरिया अस्पताल की एक दुकान पर यह दवा बतौर फूड प्रोडेक्ट के बिकती मिली....इन दवाओं को तत्काल सीज किया गया......औषधि नियंत्रक दि्वतीय अजय फाटक ने बताया कि हरियाणा औषधि नियंत्रक को भी कार्रवाई की सूचना दे दी गई है.....ताकि वहां भी मेन्यूफेक्चरर पर कार्रवाई की जा सके.....इसके साथ ही टीमें जयपुर में भी उपभोक्ता भण्डार केन्द्रों पर जांच कर रही है.....दोनों फर्मो से जब्त रिकॉर्ड के आधार पर यह पता लगाया जा रहा है कि आखिर कितनी दवा बाजार में बेची गई है। 

राजस्थान विश्वविद्यालय के छात्रसंघ चुनाव 27 अगस्त को, 28 अगस्त को होगी मतगणना।

राजस्थान विश्वविद्यालय के छात्रसंघ चुनाव 27 अगस्त को, 28 अगस्त को होगी मतगणना।







छात्रसंघ चुनाव 2019-20 का कार्यक्रम जारी
19 अगस्त को मतदाता सूचियों का होगा प्रकाशन
20 अगस्त मतदाता सूचियों पर होगी आपत्तियां
20 अगस्त मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन
22 अगस्त उम्मीदवारी के लिए नामाकंन दाखिल करना
22 अगस्त नामांकन पत्रों की जांच व आपत्तियां प्राप्त करना
23 अगस्त को वैध नामांकन सूची का प्रकाशन
23 अगस्त तक उम्मीदवार नाम ले सकेंगे वापस
23 अगस्त शाम को अंतिम उम्मीदवार सूची जारी करना
27 अगस्त को सुबह सुबह 8 बजे से 1 बजे तक मतदान
28 अगस्त को सुबह 11 बजे से मतगणना होगी
मतगणना के तुरंत बाद परिणाम होंगे जारी



27 अगस्त को होंगे छात्र संघ चुनाव
28 अगस्त को होगी मतगणना

Tuesday, August 6, 2019

पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का निधन


पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का निधन गया है. भाजपा की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज को गंभीर हालत में एम्स में भर्ती कराया गया था. सुषमा स्वराज की हालत काफी नाज़ुक बनी हुई थी. स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन, नितिन गडकरी अस्पताल पहुंच चुके हैं. वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी एम्स के लिए रवाना हो गए हैं. बता दें सुषमा स्वराज की तबियत काफी लंबे समय से खराब बनी हुई थी.  सुषमा स्वराज ने करीब तीन घंटे पहले ही आर्टिकल 370 हटने के बाद ट्वीट किया था.

Sunday, August 4, 2019

शिक्षा माफियाओं के खिलाफ भरतपुर में आंदोलन शुरू

                                           


राजस्थान के जिला भरतपुर में #राष्ट्रीय_जाट_एकता_संगठन के द्वारा शिक्षा व्यापारी करण को लेकर विशाल जुलूस निकाल कर शिक्षा माफियाओं के खिलाफ सर्व समाज ने राष्ट्रीय जाट एकता संगठन के बैनर तले पूरा समर्थन दिया और संकल्प लिया राजस्थान से शिक्षा माफियाओं को उखाड़ कर फेंकना है और 5 /8 2019 से राष्ट्रीय जाट एकता संगठन का शिक्षा माफियाओं के खिलाफ धरना प्रदर्शन शुरू हो गया है ..जिसमें राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर लोकपाल के नेतृत्व में पूरे प्रदेश की कमेटी और भरतपुर जिला की कमेटी और महिला मोर्चा की कमेटी ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और सभी ने संकल्प लिया है शिक्षा माफियाओं के खिलाफ आमरण अनशन करने का जब तक सरकार हमारी मांगों को नहीं मान लेती जब तक राष्ट्रीय जाट एकता संगठन के और सर्व समाज के लोग आमरण अनशन पर बैठे रहेंगे...जाति विशेष से इसका कोई संबंध नहीं है यह सर्व समाज से संबंध है गरीब किसान मजदूर बेसहारा लोगों के बच्चों को अच्छी शिक्षा नहीं मिल पाती क्योंकि शिक्षा के व्यापारी करण बना लिया है लोगों ने व्यापारी को खत्म करने के लिए राष्ट्रीय जाट एकता संगठन ने ठाना है शिक्षा के माफियाओं को भगाना है।

राष्ट्रिय जाट एकता संघटन के प्रदेश अध्यक्ष लोकपाल ,प्रदेश मंत्री पुनीत चौधरी ,सर्व समाज संगठन से इंदुशेखर शर्मा के नेतृत्व में आंदोलन 
मशाल जुलूस में मुख्य रूप से राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील चौधरी प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर लोकपाल सिंह प्रदेश संगठन महासचिव पुनीत चौधरी प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यवीर सिंह हथैनी, राकेश सिंह सिकरवार, प्रदेश महासचिव सत्यवीर सिंह , दीपक चौधरी, हेमू भगवानपुरा, सुशील चौधरी, देवेश चौधरी, राजेंद्र सिंह , जिला अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह, महिला जिलाध्यक्ष संजूचौधरी , दाऊ दयाल जोशी पार्षद, यदुनाथ सिंह दारा पुरिया, श्याम सिंह , रोहित चौधरी इंदु शेखर शर्मा तांबी जी, रामेश्वर सैनी, विशाल सजजी, अनिल शर्मा अनुपम अग्रवाल दिलीप सिंह दीपू शर्मा मनोज गुर्जर चेतन खंडेलवाल विमल द्विवेदी गौरव सिंह प्रदीप चौधरी पुष्पेंद्र सिंह गुर्जर बन्नो लोकेश लोहागढ़ लोकेश डागुर एनएसयूआई अध्यक्ष, कप्तान मीणा अभयसिंह रवि सोगरवाल नरोत्तम सिंह नवीन गाना संजू चौधरी अनीता देवी कृष्णा देवी जमुना देवी शांति देवी शारदा देवी विमला देवी विमलेश देवीसौरभ आकाश भवनपुरा आदि सर्व समाज के लोग उपस्थित थे

Saturday, August 3, 2019

चिकित्सा शिक्षा विभाग से आज की बड़ी खबर

चिकित्सा शिक्षा विभाग से आज की बड़ी खबर
अब मेडिकल कॉलेजों में एचओडी पद नहीं रहा "प्रशासनिक"
65 साल की उम्र तक वरिष्ठ मेडिकल टीचर्स रोटेशन से बने रहेंगे HOD
दरअसल, पिछले साल सेवानिवृति की आयु 62 से बढ़ाकर की गई थी 65
लेकिन प्रशासनिक पदों के लिए 62 की उम्र का लगाया "बेरियर"
प्रशासनिक पद के रूप में प्राचार्य, अति.प्राचार्य, विभागाध्यक्ष,
अस्पताल अधीक्षक के पद को किया गया है नोटिफाइड
जबकि HOD के पास न तो एडमिनिस्ट्रेटिव,न ही होते फाइनेंशियल अधिकार
ऐसे में चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा  के निर्देश पर नियमों में किया गया संशोधन
प्रशासनिक पद की सूची में से हटाया गया एचओडी का नाम
इस संशोधन के बाद एसएमएस मेडिकल कॉलेज में कई विभागाध्यक्ष बदले

इस घूसखोर महिला अधिकारी के घर से बरामद हुई करोड़ों की संपत्ति

ACB की जयपुर में बड़ी कार्रवाई से जुड़ी बड़ी अपडेट
सैलटेक्स विभाग की असिस्टेंट कमिश्नर की कल हुई थी गिरफ्तारी
गिरफ्तार अंशुइया के घर पर एसीबी की सर्च में बड़े खुलासे
घर से 53 लाख नकद राशि हुई बरामद
17 लाख की ज्वैलरी हुई बरामद
1 लग्जरी कार ऑडी समेत 6 गाड़ी बरामद
15 लाख कैश बैंक डिपाजिट में आये सामने
4 प्लाट ,2 दुकान ,21 बैंक खाते आये सामने
डीजी एसीबी डॉ आलोक त्रिपाठी,एडीजी सौरभ श्रीवास्तव
आईजी दिनेश एमएन लगातार कर रहे मामले की मोनिटरिंग

जयपुर में एसीबी ने फिर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दे वाणिज्य कर विभाग में भ्रष्टाचार को उजागर किया है । एसीबी ने झालाना डूंगरी स्थित वाणिज्य कर विभाग की असिस्टेंट कमिश्नर अनुसुइया कुमारी व रिटायर्ड बाबू रवि पारीक को 1 लाख 15 हजार रूपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है । रिश्वत की ये रकम टैक्स रिफंड को देने की एवज में मांगी गई थी । परिवादी की शिकायत को पुख्ता करते हुए एसीबी के एएसपी नरोत्तम वर्मा की टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया है । एएसपी नरोत्तम वर्मा ने बताया कि परिवादी का करीब 8 लाख रूपए का टैक्स रिफंड बकाया था और ये विभाग की ओर से आॅनलाइन ही जारी किया जाता है । लेकिन रिश्वत के लिए असिस्टेंट कमिश्नर अनुसुइया कुमारी ने विभाग के रिटायर्ड कर्मचारी रवि पारीक के जरिए उनकी फाइल में आॅब्जेक्शन लगाया और उन्हें व्यक्तिगत रूप से विभाग में बुलाया । इस दौरान परिवादी से रिफंड के बदले 20 प्रतिशत राशि की मांग की ,लेकिन सौदा 15 प्रतिशत में तय हुआ । जैसे ही इन घूसखोरों ने रिश्वत की राशि 1 लाख 15 हजार रूपए परिवादी से ली तो एसीबी टीम ने उन्हें दबोच लिया । वहीं एसीबी अधिकारियों की माने तो दलाल की भूमिका में रहा रवि पारीक करीब चार महिने पहले ही रिटायर हो चुका है ,लेकिन वह आज भी विभाग में नियमित कर्मचारी की तरह काम कर रहा है । फिलहाल एसीबी मामले की जांच में जुटी है ।अभी तक घूसखोर महिला अधिकारी के घर से करोड़ों की संपत्ति बरामद हो चुकी है .पूछताछ में कुछ और खुलासे सामने आ सकते है ।



साझेदारी में व्यापार करने एवं 1.12 करोड रुपए के 2 चैक देने से जुड़ा प्रकरण

साझेदारी में व्यापार करने एवं 1.12 करोड रुपए के 2 चैक देने से जुड़ा प्रकरण  जज उषा प्रजापत ने 47.50 लाख रुपए के एक मुक़दमे को किया खारिज  अद...