Friday, August 23, 2019

झोटवाड़ा घूसकांड मामले में फरार चल रहे बर्खास्त ACP आस मोहम्मद ने किया सरेंडर ,पूछताछ में होंगे अहम खुलासे



जयपुर झोटवाडा घूसकांड में बड़ा अपडेट
आखिर घूसखोर बर्खास्त RPS ने किया सरेंडर
कोटा ACB में जाकर किया सरेंडर
फरवरी 2019 से चल रहा था फरार
तत्कालीन झोटवाड़ा ACP था आस मोहम्मद
झोटवाड़ा घूसकांड चल रहा था उसी के इशारे पर
झोटवाडा थाने का SHO का रीडर हेड कांस्टेबल बत्तू खां ,
दलाल सुमंत और थाने के लिंक लोक अभियोजक चंद्रभान जोशी (APP)
इन तीनों को 1 लाख रूपए की रिश्वत लेते किया था गिरफ्तार
इसके बाद से ही घूसखोर बर्खास्त RPS आस मोहम्मद था फरार
  

राजधानी जयपुर के झोटवाड़ा थाने के हाई प्रोफाइल घूसकांड में बीते 6 महिनों से फरार चल रहे एसीपी आस मोहम्मद ने आखिरकार ACB के चौतरफा दबाब के चलते शुक्रवार को सरेंडर कर दिया है । फरार एसीपी आस मोहम्मद अचानक मामले की जांच कर रहे कोटा एसीबी के एएसपी ठाकुर चंद्रशील के सामने पहुॅचे और सरेंडर किया । बीते एक महिने पहले ही इस मामले की पत्रावली जांच के लिए जयपुर से कोटा आई थी । 

बीती 13 फरवरी को एसीबी टीम ने 1 लाख रूप्ए की रिश्वत लेते झोटवाड़ा थाने के कांस्टेबल बत्तू खां व दलाल सुमंत सिंह को गिरफ्तार किया था। जांच में यह राशि एसीपी आस मोहम्मद के लिए लेने की जानकारी सामने आई थी । लेकिन गिरफ्तारी के डर के चलते आस मोहम्मद फरार हो गए थे । जिसके बाद से लगातार एसीबी की कई टीमें आस मोहम्मद की तलाश में दबिश दे रही थी । सूत्रों की माने तो एसीबी की ओर से फरार चल रहे आरोपी आस मोहम्मद को भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी । 

सीआरपीसी की धारा 82-83 के तहत आस मोहम्मद को भगोड़ा यानी उद्घोषित अपराधी घोषित कराने के लिए एसीबी कोर्ट में अर्जी लगा रही थी । भगोड़ा घोषित होने के बाद आरोपी के खिलाफ कोर्ट से स्थायी वारंट जारी किया जाता और उसकी संपत्तियों को अटैच करने की प्रक्रिया शुरू होती । अदालत से अग्रिम जमानत अर्जियां खारिज होने और संपत्ति जब्त होने के डर के चलते पहले ही आरोपी आस मोहम्मद ने कोटा एसीबी के एएसपी ठाकुर चंद्रशील के सामने सरेंडर कर दिया ।

आपको बता दें कि ACB डीजी डॉ आलोक त्रिपाठी ,एडीजी सौरभ श्रीवास्तव और आईजी दिनेश एमएन के कुशल नेतृत्व के चलते ही फरार आस मोहम्मद के ऊपर ये दबाव बना जिसके चलते उसने सरेंडर कर दिया ..  

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