Friday, September 13, 2019

विप्र फाउण्डेशन राजस्थान से जुड़ी खबर :- जोन-1 के युवा प्रकोष्ठ उपाध्यक्ष पद पर इन्दुशेखर शर्मा को किया गया मनोनीत



इन्दुशेखर शर्मा,विप्र फाउण्डेशन राजस्थान
जोन-1 के युवा प्रकोष्ठ उपाध्यक्ष 




विप्र फाउण्डेशन राजस्थान से जुड़ी खबर
जोन-1 के युवा प्रकोष्ठ उपाध्यक्ष पद पर
इन्दुशेखर शर्मा को किया गया मनोनीत  



राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता एवं स्वजाजीय गतिशीलता के उद्देश्यों से प्रेरित ब्राह्मण समाज के वैश्विक संगठन विप्र फाउण्डेशन की गतिविधियां सफलतापूर्वक संचालित एवं विस्तृत आकार ले रही है ।इसी क्रम में भरतपुर के इन्दुशेखर शर्मा को नई जिम्मेदारी दी गई है .


राजस्थान जोन- 1 के युवा प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष सुनील शर्मा ( उदेईया) की अनुशंसा पर एवं जोन  प्रदेशाध्यक्ष पं. देवीशंकर शर्मा, युवाप्रकोष्ठ राष्ट्रीय अध्यक्ष सज्जन शर्मा, एवं केन्द्रीय प्रभारी व राष्ट्रीय महामंत्री पवन पारीक के अनुमोदन पर विप्र फाउण्डेशन राजस्थान, जोन-1 के युवा प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष पद पर  इन्दुशेखर शर्मा को  मनोनीत किया गया है ..

आपको बता दें कि भरतपुर जिले के रहने वाले इन्दुशेखर शर्मा राजस्थान परशुराम सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष है और भरतपुर कोंग्रेस महासचिव पद की जिम्मेदारी भी इन्ही के पास है ..




   



राजस्थान के इस डॉक्टर ने दी मरीज को नई जिंदगी

मरीज को पांच महीने से हो रही थी उल्टियां
तीन शहरों के डॉक्टर्स को दिखाया नहीं मिली राहत 
आखिर 'फोर्थ वेंट्रिकल ब्रेन ट्यूमर' निकला मरीज के  


भरतपुर जिले के रहने वाले 42 वर्षीय हरफूल बीते पांच माह से उल्टियां होने से परेशान था। इसके कारण उसने गेस्ट्रोलॉजी, यूरोलोजी के भरतपुर, आगरा और दिल्ली में कई नामचीन डॉक्टर्स से ट्रीटमेंट लिया । इस दौरान डॉक्टर्स ने उसकी एंडोस्कॉपी, पेट की तमाम जांचों समेत जरूरी दवाइयां भी दीं, लेकिन इसके बाद भी हरफूल को कोई राहत नहीं मिली। उल्टी की शिकायत लगातार बढ़ने के कारण आखिरकार किसी परिचित के बताने पर हरफूल के परिजनों ने उसे जयपुर में डॉ. राजवेंद्र सिंह चौधरी को दिखाया। 

उन्होंने हरफूल की एमआरआई करवाई, तो पाया कि उसके दिमाग के पिछले हिस्से में एक बड़ा ट्यूमर है। जहां पर यह ट्यूमर था, उस हिस्से को 'फोर्थ वेंट्रिकल' कहते हैं। इस हिस्से में मौजूद ट्यूमर की वजह से 'एरिया पोस्ट्रीमा' पर दबाव था, जिससे रोगी को उल्टियां हो रही थीं। डॉ. चौधरी ने बताया कि इस बीमारी को नियंत्रित करने के लिये ऑपरेशन ही एकमात्र उपाय होता है। उन्होंने मरीज हरफूल के परिजनों की अनुमति से 4 सितंबर को ऑपरेशन कर ट्यूमर को बाहर निकाला। ऑपरेशन को एक सप्ताह से अधिक बीत गया है। 




मरीज़ की उल्टियां बंद हो गई है और खाना—पीना भी मुंह के द्वारा आराम से ले रहा है। रोगी हरफूल पूरी तरह से ठीक है और उसको एक-दिन में हरफूल को अस्पताल से डिस्जार्च कर दिया जायेगा।

Thursday, September 5, 2019

राजस्थान प्रदेश के भ्रष्टाचारियों में ACB का खौफ ...गहलोत सरकार ने बड़ी से बड़ी कार्रवाई के लिए ACB को दिया ''फ्री हैण्ड'' ...

- राजस्थान प्रदेश के भ्रष्टाचारियों में ACB का खौफ ...गहलोत सरकार ने बड़ी से बड़ी कार्रवाई के लिए ACB को दिया ''फ्री हैण्ड'' ...



राजस्थान में पिछले 6 महीने से एसीबी भृष्टाचार के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है।कारण है राजस्थान में एसीबी की टीम को सीएम गहलोत की तरफ से भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए ''फ्री हैण्ड'' दिया गया ...बात नारकोटिक्स के बड़े अधिकारी की हो या खान विभाग के जॉइंट सेकेट्री की ....राजस्थान ACB ने घूसखोरी की बड़ी से बड़ी हर शिकायत पर कार्रवाई की है ....इस फ्री हैण्ड का ही परिणाम है कि एसीबी मुख्यालय में कोई भी पीड़ित बेख़ौफ़ होकर भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी शिकायत लेकर पहुँचता है..और उसकी शिकायत पर कार्रवाई की जाती है ...एसीबी डीजी डॉ आलोक त्रिपाठी ,एडीजी सौरभ श्रीवास्तव और आईजी दिनेश एमएन की मोनिटरिंग में राजस्थान एसीबी लगातार भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चला रही है ...एक बार फिर ACB की खान विभाग की कार्रवाई चर्चा में है ..कारण है खान विभाग के वर्तमान सर्वेसर्वा को रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए पकड़े जाना ...


प्रदेश में भ्रष्टाचारियों की रातों की नीदें उड़ चुकी है ..दिन का चैन खो चुका है ...रिश्वत लेने में अब साहब भी डर रहे है उर साहब के सिपहसालार भी ....रातभर जागकर अब घूसखोर इस इंतजाम में लगे हैं कि उन्होंने जो काले कारनामे कर बेहिसाब दौलत कमाई है, उसे और खुद को एसीबी से बचाएं तो कैसे बचाएं ।दरअसल ये खौफ एसीबी के कुछ तेजतर्रार अफसरों और राजस्थान ACB की टीम परफेक्ट की वजह से है।हम बात कर रहे हैं एसीबी के डीजी डॉ आलोक त्रिपाठी, एडीजी सौरभ श्रीवास्तव और आईजी दिनेश एमएन की।जिनके सुपरविजन में लगातार एसीबी बड़े-बड़े घूसखोरों को पकड़ती जा रही है।लेकिन ध्यान देने वाली बात ये है कि ये बड़ी से बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए ACB को ये फ्री हैण्ड गहलोत सरकार ने दिया है ..उद्देश्य साफ़ नजर आ रहा है राजस्थान में करप्शन के खिलाफ जीरो टोलरेंस नीति अपनाई जा रही है ..फिर चाहे किसी मंत्री या विधायक का आशीर्वाद प्राप्त सरकारी अधिकारी या निजी दलाल ही क्यूँ ना हो ....








नारकोटिक्स विभाग में ACB की कार्रवाई :-

26 जनवरी 2019 को केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो कोटा विभाग के अतिरक्त कमिश्नर सहीराम मीणा को 1 लाख रूपये की रिश्वत लेते हुए किया गिरफ्तार ...अफीम पट्टों के ग्राम मुखिया नियुक्त करने के मामले में ली थी घूस ..आय से अधिक संपत्ति का मामला भी किया गया था दर्ज .. 2 करोड़ 26 लाख ,98 हजार 800 रूपये हुए थे नकद बरामद ...

नारकोटिक्स विभाग के अधीक्षक सुधीर यादव ,सब इंस्पेक्टर भानू प्रताप सिंह केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो चित्तोडगढ को रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया ..रिश्वत की ये राशि भी अफीम से जुड़े मामले में ली जा रही थी ..

CBI में एसीबी की कार्रवाई ..

ये कार्रवाई अपने आप में बेहद बड़ी और अहम कार्रवाई थी ...कारण मामला देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी CBI से जुड़ा हुआ था ..लेकिन कार्रवाई हुई ....राजस्थान एसीबी ने सीबीआई के इंस्पेक्टर प्रकाश चन्द्र और निजी दलाल को रिश्वत के मामले में रडार पर लिया .घूसखोरी के इस मामले में दलाल गिरफ्तार हुआ और इंस्पेक्टर फरार हो गया ..सीबीआई ने घूसखोर इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया ..

ACB की जेल विभाग में कार्रवाई

सेंट्रल जेल अजमेर में कार्रवाई करते हुए ..जेल में बंद कैदियों को सुविधाएँ ,मोबाइल उपलब्ध करवाने वाले जेलकर्मियों की मिलीभगत को उजागर किया ..संजय ,केसाराम (जेल कार्मिक ) ...सेंट्रल जेल के सजायाप्ता कैदी शैतानसिंह ,दीपक के विरुद्ध जाँच जारी ..

बजरी के घूस खेल में कार्रवाई -

.बजरी के खेल में रिश्वतखोरी मामले में जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट के सब इंस्पेक्टर गजेन्द्र सिंह को घूस लेते हुए पकड़ा ..
.बजरी के खेल में ACB ने कार्रवाई करते हुए ,,,पुलिस थाना मनोहरपुर कैलाश चंद होमगार्ड ,भूपेन्द्र ,कनिष्ठ सहायक ,माइनिंग विभाग को गिरफ्तार किया ..

.टोंक जिले में बजरी से संबंधित रिश्वतखोरी के मामले में कैलाश चन्द्र चौधरी कांस्टेबल को घूस लेते हुए पकड़ा ...

.राजसमन्द जिले में बजरी से संबंधित घूसखोरी मामले में पुलिस थाना खमनौर के सब इंस्पेक्टर महेश चन्द्र मीणा को गिरफ्तार किया ..


क्या आपके आस-पास हो रहा है भ्रष्टाचार ?

आप कर सकते है एसीबी में शिकायत :-
मेल .ID acb.comp@gmail.com या

फोन नंबर 0141-  2712263 और 0141-2700507 पर
या आप खुद झालाना स्थित एसीबी मुख्यालय के दफ्तर में पहुंचकर शिकायत दे सकते है ..


करप्शन से जुड़े हुए अन्य मामले :-


.खान विभाग में भृष्टाचार का बड़ा खुलासा।राजस्थान ACB ने सीनियर RAS को घूस लेते हुए किया गिरफ्तार ..खान विभाग में जॉइन्ट सेकेट्री पद पर था पोस्टेड बीडी कुमावत।
.गृह विभाग के घूसखोर सेक्शन ऑफिसर राकेश मीणा को भ्रष्टाचार के मामले में किया गिरफ्तार ..।घूसखोरी में मांगता था रूपये ,शराब ,अस्मत ...
.सुरेन्द्र कुमार ,सहायक अभियंता ,पीएचईडी नगर उपखंड किशनगढ़ को 1 लाख रूपये की घूस लेते हुए गिरफ्तार किया ..
.विनयपाल ,आयुक्त नगर परिषद झुंझुनू को 1 लाख की घूस लेने का मामला ..
.जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के एसीपी झोटवाडा आश मोहम्मद एसीबी की रडार पर आये ..एसीबी ने बत्तू खां कांस्टेबल झोटवाडा ,चन्द्रभान जोशी एपीपी न्यायालय एसीएमएम 
क्रम 3 जयपुर और सुमंत सिंह दलाल को गिरफ्तार किया ...मामले में 1 लाख की घूस ली गई ..मामले में एसीपी झोटवाडा आश मोहम्मद से आखिर किया 6 महीने बाद सरेंडर ..
.अम्बरीश बेदी ,आयकर आयुक्त कोटा को दलाल वीरेन्द्र जैन द्वारा 50 हजार की रिश्वत चेक द्वारा लेते हुए गिरफ्तार किया गया ..
.चुरू एसीबी की कार्रवाई करते ASI योगेन्द्रपाल सिंह ,हेड कांस्टेबल विकास ,कांस्टेबल राजेश कुमार पुलिस थाना लाहौरी गेट दिल्ली को 5 लाख रूपये की घूस लेते हुए गिरफ्तार किया ...
.पुलिस थाना ब्रह्मपुरी के सब इंस्पेक्टर छुट्टन लाल को 1 लाख की घूस लेते हुए गिरफ्तार किया ..
.महमूद खां उप अधीक्षक ,सीओ नोखा जिला बीकानेर को 50 हजार की घूस लेते हुए गिरफ्तार किया ..
.मूमल बूब आबकारी इंस्पेक्टर ,कांस्टेबल जोगेंद्र को शराब के मासिक बंधी मामले में 30 हजार की घूस लेते हुए गिरफ्तार किया ..
.सुमन कुमारी ,पटवारी पतवार हल्का महेसरा तहसील तिजारा जिला अलवर को 4 लाख 25 हजार घूस लेते हुए पकड़ा ..
.अनुसुइया कुमारी ,असिस्टेंट कमिश्नर ,वर्क्स कॉन्ट्रैक्ट एंड लीजिंग टैक्स ,सेलटैक्स संभाग थर्ड को 1 लाख 15 हजार घूस लेते हुए गिरफ्तार किया गया ..इसी कार्रवाई में कनिष्ठ लिपिक और AAO को भी गिरफ्तार किया ..
.सवाईमाधोपुर एसीबी ने धौलपुर जिले में कार्रवाई करते हुए SDM धौलपुर भंवरलाल कसोतिया (RAS) को रिश्वत की राशि परिवादी को वापस लौटाते हुए गिरफ्तार किया ..
.पुलिस थाना लसाड़िया जिला उदयपुर के थानाधिकारी ,कांस्टेबल सलमान को घूस लेते हुए पकड़ा ..
.जयपुर एसीबी ने चुरू के रतनगढ़ में कार्रवाई करते हुए थाना इंचार्ज हरजिंदर सिंह को 45 हजार की घूस लेते हुए पकड़ा ..
.जयपुर एसीबी देहात यूनिट ने विधानसभा में कार्रवाई करते हुए PWD के XEN ,AEN को किया गिरफ्तार ..
.जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में LDC को घूस लेते हुए किया गिरफ्तार ..
.एसीबी देहात जयपुर यूनिट ने कोटपुतली नगर पालिका के सहायक प्रशासनिक अधिकारी मनोज कुमार को 27 हजार की घूस लेते हुए किया गिरफ्तार ..
.जयपुर में भंडारी अस्पताल डायरेक्टर डॉ चिराग भंडारी हुआ अरेस्ट...स्कॉलरशिप से मिलने वाली राशि का मांगता था 50 %



आय से अधिक संपत्ति के मामले

.उप निदेशक के खिलाफ आय से अधिक सम्पति के मामले में मुकदमा दर्ज कर किया सर्च,कृषि विपणन बोर्ड जयपुर में है पदस्थापित ,अशोक कुमार गर्ग है अधिकारी का नाम..गर्ग की अकूत संपत्ति को लेकर हुई सर्च

.रघुनाथ प्रसाद मीणा ,अधिशाषी अभियंता (इलेक्ट्रिकल ) PWD मुख्याल जयपुर और उसकी पत्नी के खिअफ आय से अधिक संपत्ति का मामला ... 2 करोड़ से अधिक पायी गई परिसंपत्तिया ..

.संजय बोथरा ...पुलिस निरीक्षक जोधपुर कमिश्नरेट और उसकी पत्नी अंजली बोथरा के खिलाफ आय से अधिक परिसंपत्तिया 53 लाख 47 हजार 935 रूपये पायी गई ...

.भारती राज ,वित्तीय सलाहकार ,टीएडी विभाग ,उदयपुर और उसके पति हरीश्चन्द श्रीवास्तव के खिलाफ आय से अधिक परिसंपत्तियां पायी गई ..

भ्रष्टाचार समाज की जडें खोखली करता है और भ्रष्टाचारी आमजन के हक पर डाका डालते हैं। देश में आर्थिक असमानताओं के कुछ बड़े कारणों में भ्रष्टाचार प्रमुख है।पिछले कुछ समय से राजस्थान में तस्वीर कुछ और ही है। यहां भ्रष्टाचारी खौफ में हैं और उनके दिन-रात इसी चिंता में गुजर रहे हैं कि कहीं ACB आ गई तो क्या होगा ? भ्रष्टाचारियों में ये खौफ प्रदेशवासियों को आजकल सुकून दे रहा है, क्योंकि राज्य का भ्रष्टाचार नियंत्रण ब्यूरो यानि एसीबी ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रहा है।प्रदेश में इन दिनों एसीबी लगातार बड़े-बड़े रिश्वतखोरों का भांडा फोड़ने में लगी है और ये सब संभव हो पा रहा है विभाग के कुछ चुनिंदा तेज तर्रार अफसरों की वजह से। कोटा में घूसखोर सहीराम का मामला हो, या जयपुर में एसीपी आस मोहम्मद प्रकरण, या फिर भंडारी हॉस्पिटल के चेयरमैन को पकड़ने का मामला। भ्रष्टाचारियों में भगदड़ मची है। अभी हाल ही में एसीबी ने सीबीआई इंस्पेक्टर प्रकाश चंद के दलाल को 75 लाख  की घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। अब एसीबी प्राइवेट सेक्टर में भी घूसखोरों पर नकेल कस रही है। हम आज आपको ऐसे एसीबी की उस टीम के बारे में बताने जा रहे हैं, जो एक के बाद एक इन कार्रवाइयों को अंजाम देती हैं।

नरोत्तम वर्मा, एडिशनल एसपी,जयपुर
ठाकुर चंद्रशील कुमार, एडिशनल एसपी,एसीबी कोटा
आलोक चन्द्र शर्मा ,एडिशनल एसपी ,जयपुर
चंचल मिश्रा ,एडिशनल एसपी ,जयपुर
सवाई सिंह गोदारा ,DIG ,जोधुपुर एसीबी
राजीव पचार ,एसपी ,अजमेर एसीबी
रजनीश पूनियां ,एडिशनल एसपी ,बीकानेर
देशराज यादव, एडिशनल एसपी,जयपुर
पृथ्वी राज मीणा ,एडिशनल एसपी,जयपुर
हेमाराम ,एडिशनल एसपी ,जयपुर
अलोक सिंघल ,एडिशनल एसपी,जयपुर
सलेह मोहम्मद ,DSP अलवर


सर्विलांस टीम (TECHNICAL )

—अजमेर मंथली बंधी प्रकरण में थी अहम भूमिका
—डिप्टी सेशन जज अजय शारदा प्रकरण में भी थी अहम भूमिका
—कोटा में घूसखोर सहीराम मीणा प्रकरण में भी निभाई अहम भूमिका
—सीबीआई इंस्पेक्टर प्रकाश चंद के दलाल को पकड़ने में भी भूमिका
-घूसखोर सीनियर RAS बीडी कुमावत ,खान विभाग को पकड़ने में भूमिका

इन अधिकारियों का ट्रैक रिकॉर्ड बताता है कि भ्रष्टाचारी इनसे कैसे कांपते होंगे। सही योजना, सही समय का इंतजार और सही रणनीति ही इन्हें किसी सहीराम तक पहुंचा देती है। अपने इस काम में एसीबी के ये जांबाज माहिर हैं और विभाग भी अपने इन अधिकारियों पर नाज करता है।आपके आसपास भी अगर किसी तरह का भ्रष्टाचार हो रहा है और आप उसे उजागर करना चाहते है तो आप एसीबी मुख्यालय की मेल .ID acb.comp@gmail.com या फोन नंबर 0141-  2712263 और 0141-2700507 पर संपर्क कर सकते है ..या आप खुद झालाना स्थित एसीबी मुख्यालय के दफ्तर में पहुंचकर शिकायत दे सकते है ..  

Tuesday, September 3, 2019

प्रयोगशाला सहायक सीधी भर्ती 2018 :- अफसरों की लेटलतीफी के भेंट चढ़ी प्रयोगशाला सहायक भर्ती !

प्रयोगशाला सहायक सीधी भर्ती 2018
अफसरों की लेटलतीफी के भेंट चढ़ी प्रयोगशाला सहायक भर्ती !
एक साल पूरा होने के बाद भी भर्ती पूरी नहीं हुई
अनुभव प्रमाण पत्रों के सत्यापन को लेकर विलंब 
गत वर्ष मई 2018 में 1534 पदों के लिए जारी हुआ था भर्ती विज्ञापन
अभ्यर्थियों का कहना अधिकारियों की तानाशाही के कारण 
बेरोजगारों को होना पड़ रहा है परेशान
कब तक जारी होगी प्रोविजनल सूची इसका कोई जवाब नही !



जयपुर में स्वास्थ्य भवन में प्रयोगशाला सहायक पदों की प्रोवीजन सूची जारी करने की मांग को लेकर जमकर हंगामा हुआ .दरअसल 29 मई 2018 को चिकित्सा विभाग द्वारा 1534 पदों पर प्रयोगशाला सहायक भर्ती निकाली गई थी ..इन पदों पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा फॉर्म भरवाकर MNIT द्वारा दस्तावेज सत्यापन भी किया गया ..लेकिन MNIT के द्वारा अब तक इस भर्ती के दस्तावेजो का अब तक सत्यापन नहीं हुआ है ..आज स्वास्थ्य भवन में प्रदर्शन करने वाले अभ्यर्थियों ने ये साफ़ किया कि अगर भर्ती की जल्द से जल्द प्रोवीजन सूची जारी नहीं हुई तो सभी भूख हड़ताल पर बैठेंगे ..

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग राजस्थान सरकार द्वारा 1393 नॉन टीएसपी एवं 141 टीएसपी क्षेत्र में प्रयोगशाला सहायक के पदों पर मई 2018 में आवेदन मांगे गए थे।इन आवेदनों में करीब 6600 लोगों ने आयोजन किया था ।इस हेतु योग्यता 12वीं एवं पैरामेडिकल काउंसिल द्वारा मान्यता प्राप्त डिप्लोमा लैब टेक्नीशियन का अथवा दसवीं एवं न्यूनतम 3 साल का राजकीय चिकित्सालय में लैब टेक्नीशियन अथवा प्रयोगशाला सहायक के पद पर कार्य करने का अनुभव योग्यता रखी गई थी ।विभाग द्वारा योग्य व्यक्तियों की काउंसलिंग करवाने , दस्तावेज सत्यापन से पूर्व संभाग स्तर के सभी अनुभव प्रमाण पत्रों का सत्यापन करने हेतु 28 से 30 अगस्त तक एमएनआईटी में कैंप लगाकर अनुभव प्रमाण पत्रों की जांच की गई उसके बाद 28 अगस्त को प्रथम काउंसलिंग के आदेश जारी किए गए प्रथम काउंसलिंग के बाद सितंबर माह में द्वितीय काउंसलिंग के आदेश जारी किए गए और दोनों काउंसलिंग में जो आवेदक आवेदक अनुपस्थित रहे उनको भी एक मौका दस्तावेज सत्यापन का दिया गया इसके बाद चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा 6 नवंबर एवं 26 नवंबर को अलग-अलग आदेशों के द्वारा अनुभव प्रमाण पत्रों का सत्यापन हेतु संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को आदेश देकर एमएनआईटी में उन्हें बुलाया गया इस प्रकार तीन बार अनुभव प्रमाण पत्रों की जांच हो गई है इसके अतिरिक्त अनुभव प्रमाण पत्र की जांच हेतु सक्षम अधिकारी को जिलों में भी भेजा गया है।सरकार द्वारा 12माह में 1500 पदों के लिए जो भर्ती की गई थी उसकी प्रोविजनल लिस्ट भी जारी नहीं की गई है.जनवरी माह  एक बार फिर यह भरती आचार संहिता की भेंट चढ़ गई थी क्योंकि पिछली बार भी  विधानसभा चुनाव के कारण यह अटक गई थी।विधानसभा और लोकसभा चुनाव    में भी बेरोजगारों ने उम्मीद रखी कि सरकार कहीं हमारा भला कर दे लेकिन विज्ञापन जारी होने के एक साल बाद भी अभी तक कोई प्रोविजनल सूची जारी नहीं हुई हैअभ्यर्थियों कोई आशंका थी कि उच्च प्रशासनिक अधिकारी आवेदकों से अपनी खुन्नस निकालने के कारण इस प्रोविजनल लिस्ट को टालमटोल कर के विलंब कर रहे चुके है अगर सरकार आम चुनाव से पहले प्रयोगशाला सहायकों की नियुक्ति देती है तो राजस्थान के युवा बेरोजगारों के लिए यह बड़ी खुशी की बात होती और कहीं ना कहीं सरकार को इसका फायदा मिलता।

साझेदारी में व्यापार करने एवं 1.12 करोड रुपए के 2 चैक देने से जुड़ा प्रकरण

साझेदारी में व्यापार करने एवं 1.12 करोड रुपए के 2 चैक देने से जुड़ा प्रकरण  जज उषा प्रजापत ने 47.50 लाख रुपए के एक मुक़दमे को किया खारिज  अद...