Friday, August 23, 2019

पद की आड़ में महिलाकर्मियों से बनाता था अवैध संबंध ! ACB की गिरफ्त में आया गृह विभाग का घूसखोर सेक्शन ऑफिसर



ACB की गिरफ्त में आया गृह विभाग का सेक्शन ऑफिसर 
गिरफ्त में आये सेक्शन ऑफिसर से पूछताछ में बड़ा खुलासा
शराब,शबाब का शौकीन था राकेश मीणा
दफ्तर में ड्यूटी के नाम पर मांगता था अस्मत भी
ACB पूछताछ में हुए बड़े खुलासे
गृह विभाग से उच्च स्तर पर मिला था कार्रवाई का सुझाव
घर से 17 भूखंड के दस्तावेज,
अभ्यर्थियों के 7-7 लाख के 16 चेक बरामद
1 करोड़ 12 लाख के है ये चेक।



प्रदेश के गृह विभाग में पद के दुरूपयोग के मामले में कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने शासन सचिवालय जयपुर में गृह ग्रुप -11 में पदस्थापित अनुभाग अधिकारी राकेश कुमार मीणा को हिरासत में लिया है । दरअसल एसीबी मुख्यालय को अनुभाग अधिकारी राकेश कुमार मीणा के खिलाफ अपने पद का दुरुपयोग कर अन्य अनैतिक तरीके से भ्रष्टाचार करने की सूचना मिली थी ।आरोपी सरकार द्वारा जिन पुलिस अधिकारियों को 16 सीसी का नोटिस मिलता था उन्हें राज्यपाल के यहां अपील करवाकर उनकी मदद करने की एवज में रूपए ले रहा था ।यही नहीं राकेश मीणा सेक्शन में ड्यूटी करने वाली महिलाकर्मियों से ड्यूटी लगाने के नाम पर अस्मत भी मांगता था ...ये भी बात सामने आयी है कि घूसखोर राकेश मीणा शराब का शौक़ीन है और रिश्वत में रेड वाइन भी मांगता था ..इसके अलावा रेलवे व टीचर जैसी भर्तियों में भी रूपए लेकर लोगों को फर्जी तरीके से पास करवाने की लगातार सूचनाएं मिल रही थी । जिसके चलते एसीबी टीमों ने आरोपी अनुभाग अधिकारी राकेश कुमार मीणा के निवास पर सर्च किया । सर्च में अनुभाग अधिकारी के निवास से पुलिस अधिकारियों के 16 सीसी के नोटिस के संबंध में राज्यपाल के पास की गई अपीलों से संबंधित फाइलों के साथ ही रेलवे व टीचर सरीखी भर्तियों में अभ्यर्थियों को पास करवाने की एवज में लिए गए प्रवेश पत्र,हस्ताक्षर युक्त 7 लाख रुपए के चेक और खाली स्टांप पेपर भी बरामद किए गए। वहीं सर्च में विभिन्न स्थानों पर लिए गए भूखंडों के 17 पट्टे भी बरामद किए गए है । 


राजस्थान में खौफ में घूसखोर - 

राजस्थान में पिछले 6 महीने से एसीबी भृष्टाचार के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है।कारण है राजस्थान में एसीबी की टीम को सीएम गहलोत की तरफ से भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए ''फ्री हैण्ड'' दिया गया ...जिसके चलते नारकोटिक्स के बड़े अधिकारीयों से लेकर घूसखोर पुलिस अधिकारी और वाणिज्य कर विभाग की घूसखोर महिला अधिकारी एसीबी के हत्थे चढ़ सके ...इस फ्री हैण्ड का ही परिणाम है कि एसीबी मुख्यालय में कोई भी पीड़ित बेख़ौफ़ होकर भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी शिकायत लेकर पहुँचता है..और उसकी शिकायत का सत्यापन कर कार्रवाई की जाती है ...एसीबी डीजी डॉ आलोक त्रिपाठी ,एडीजी सौरभ श्रीवास्तव और आईजी दिनेश एमएन की मोनिटरिंग में राजस्थान एसीबी लगातार भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चला रही है ...

प्रदेश में भ्रष्टाचारियों को रात में नींद नहीं आ रही है, रातभर जागकर इस इंतजाम में लगे हैं कि उन्होंने जो काले कारनामे कर बेहिसाब दौलत कमाई है, उसे एसीबी से कैसे बचाएं। दरअसल ये खौफ एसीबी के कुछ तेजतर्रार अफसरों की वजह से है। हम बात कर रहे हैं एसीबी के डीजी आलोक त्रिपाठी, एडीजी सौरभ श्रीवास्तव, आईजी दिनेश एमएन की। इनके सुपरविजन में लगातार एसीबी बड़े-बड़े घूसखोरों को पकड़ती जा रही है।

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